समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 21अप्रैल। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने गुरुवार को असंगठित क्षेत्र के कामगारों के न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी कर दी है. सरकार ने दावा किया है कि इससे उन्हें (कामगारों को) महंगाई से राहत मिलेगी. आम आदमी पार्टी नीत सरकार ने एक बयान में कहा कि न्यूनतम मजदूरी की नई दरें एक अप्रैल से लागू होंगी. दिल्ली के श्रम मंत्री राज कुमार आनंद ने दावा किया कि देश के अन्य राज्यों की तुलना में दिल्ली में श्रमिकों को दी जाने वाली न्यूनतम मजदूरी ‘सर्वाधिक’ है और शहर के लाखों मजदूरों और कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा.
नई दरों के अनुसार, कुशल श्रमिकों का न्यूनतम वेतन 546 रुपये की वृद्धि के साथ 20,357 रुपये से बढ़ाकर 20,903 रुपये प्रति माह कर दिया गया है, जबकि अर्ध-कुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 18,499 रुपये से 494 रुपये प्रति माह बढ़ाकर 18,993 रुपये कर दिया गया है.
मंत्री ने कहा, ‘महंगाई से जूझ रहे दिल्ली के मजदूरों को केजरीवाल सरकार ने तोहफा दिया है. न्यूनतम वेतन बढ़ने से मजदूर वर्ग को राहत मिलेगी.’ दिल्ली में सुपरवाइजर्स और क्लर्क ग्रेड के कर्मचारियों को भी सरकार द्वारा जारी न्यूनतम मजदूरी की नई दरों से लाभ होगा.
दूसरी ओर, स्नातक कर्मचारियों और उच्च शैक्षणिक योग्यता वाले श्रमिकों का मासिक वेतन 22,146 रुपये से बढ़ाकर 22,744 रुपये कर दिया गया है. इससे उनके मासिक वेतन में सबसे अधिक 598 रुपये की वृद्धि हुई है. दिल्ली के श्रम मंत्री राज कुमार आनंद ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के ऐसे कामगारों का महंगाई भत्ता नहीं रोका जा सकता है, जिन्हें आमतौर पर केवल न्यूनतम मजदूरी ही मिलती है. इसलिए दिल्ली सरकार ने महंगाई भत्ता जोड़कर नये न्यूनतम वेतन की घोषणा की है.