समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 29दिसंबर। पठान फिल्म के लिए नई मुश्किलें आकर खड़ी हो गई हैं, दरअसल फिल्म और फिल्म के गाने बेशरम रंग को लेकर जो विरोध जनता के बीच काफी समय से चल रहा था और अब उस विवाद ने नया रंग ले लिया है. केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी सीबीएफसी ने अब ये निर्णय लिया है कि पठान फिल्म को प्रमाण पत्र तभी जारी किया जाएगा, जब वो अपनी फिल्म और गानों में सुधार करेंगे. सेंसर बोर्ड ने पठान फिल्म को फ़िलहाल सर्टिफिकेट देने से रोक दिया है और उनका कहना है कि फिल्म में कुछ जरूरी बदलाव होने के बाद ही इसे सर्टिफिकेट दिया जा सकता है.
सेंसर बोर्ड के चेयरमैन प्रसून जोशी ने अपने बयान में कहा, ‘सीबीएफसी हमेशा रचनात्मक अभिव्यक्ति और दर्शकों की संवेदनशीलता के बीच सही संतुलन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह मानता है कि सभी हितधारकों के बीच सार्थक संवाद के माध्यम से किसी भी विवाद का समाधान ढूंढा जा सकता है. जब तक सुझाए बदलावों पर काम होता है, मैं ये बताना चाहूंगा कि हमारी संस्कृति और भरोसा गौरवशाली, जटिल और सूक्ष्म है. हमें ध्यान देना होगा इसे किसी किस्से के जरिए ना परिभाषित किया जाए, जो सच और वास्तविकता से ध्यान भटकाए. जैसा कि मैंने पहले भी कहा कि क्रिएटर्स और ऑडियंस के बीच भरोसे को बचाए रखना बहुत जरूरी है. क्रिएटर्स को इसी दिशा में काम करना चाहिए.’
सेंसर बोर्ड के सूत्रों के मुताबिक, फिल्म पठान हाल ही में सर्टिफिकेशन के लिए CBFC एग्जामिनेशन कमिटी गई थी. CBFC गाइडलाइंस के हिसाब से फिल्म को बारीकी से देखा गया और अब कमिटि के मेकर्स को फिल्म में बदलाव चाहिए और ये बदलाव सीन के साथ ही गानें को लेकर भी है कमिटी ने पठान के थिएटर में रिलीज से पहले रिवाइज्ड वर्जन को सब्मिट करने का आदेश दिया है.