समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 26सितंबर। शारदीय नवरात्रि की शुरुआत आज यानि 26 सितंबर से हो गई है और पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा की जाएगी. 9 दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों का पूजन किया जाएगा और पहले दिन माता शैलपुत्री की पूजा की जाती है. यानि नवरात्रि का पहला दिन मां शैलपुत्री को समर्पित है. इस दिन उनकी पूजा करने के साथ ही उनकी कथा और दुर्गा चालीसा का पाठ करना भी बेहद फलदायी होता है. पूजा के बाद मां शैलपुत्री की कथा जरूर पढ़नी चाहिए.
मां शैलपुत्री कौन हैं ?
मां शैलपुत्री पर्वतराज हिमालय की संतान हैं. शैल अर्थात अडिग. दृढ़ता का प्रतीक हैं. मां दुर्गा से संपर्क साधने के लिए जातक का विश्वास भी अडिग होना चाहिए तभी भक्ति का फल मिलता है. मां शैलपुत्री को वृषोरूढ़ा, सती, हेमवती, उमा के नाम से भी जाना जाता है. घोर तपस्या करने वाली मां शैलपुत्री सभी पशु-पक्षियों, जीव की रक्षक मानी जाती हैं
मां शैलपुत्री की पूजा विधि
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा से पहले शुभ मुहूर्त में घटस्थापना करें. अखंड ज्योति प्रज्वलित करें और भगवान गणेश का अव्हान करें.
मां शैलपुत्री की पूजा में सफेद रंग की वस्तुओं का प्रयोग करें. सफेद मां शैलपुत्री का प्रिय रंग है. स्नान के बाद सफेद वस्त्र धारण करें.
पूर्व या उत्तर दिशा में मुख करके पूजा की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं मां दुर्गा की तस्वीर स्थापित करें. मां शैलपुत्री को कुमकुम, सफेद चंदन, हल्दी, अक्षत, सिंदूर, पान, सुपारी,
लौंग, नारियल 16 श्रृंगार का सामान अर्पित करें.
देवी को सफेद रंग की पुष्प, सफेद मिठाई जैसे रसगुल्ला भोग लगाएं. पहले दिन मां का प्रिय भोग गाय के घी से बने मिष्ठान उन्हें अर्पित करें.
धूप, दीप लगाकर मां दुर्गा के इस मंत्र का एक माला जाप करें – सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सवार्थ साधिके शरण्येत्र्यंबके गौरी नारायणी नमोस्तुते
इसके साथ ही मां शैलपुत्री के मंत्रों का 108 बार का जाप करें. कथा पढ़े और फिर देवी की आरती करें. संध्या में भी रोजाना नौ दिन 9 देवियों की आरती करें.
मां शैलपुत्री की पूजा का लाभ
मां शैलपुत्री की पूजा से जातक के मूलाधार चक्र जागृत होते हैं.
देवी शैलपुत्री के पूजन से व्यक्ति में स्थिरता आती है.
मां शैलपुत्री को देवी सती का ही रूप माना जाता है. देवी सती ने भोलेनाथ को कठोर तप से पति के रूप में पाया था. नवरात्रि में इनकी साधना से कुंवारी कन्याओं को सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है.
आज का शुभ मुहूर्त
आज अभिजीत मुहूर्त 11:48 ए एम से 12:36 पी एम तक है. विजय मुहूर्त 02:13 पी एम से 03:01 पी एम तक रहेगा