‘भले ही मैं टीम इंडिया के लिए एक ही फॉर्मेट खेल रहा हूं लेकिन मैं इससे निराश नहीं हूं- शिखर धवन

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समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 9अगस्त। शिखर धवन इन दिनों अपनी फिटनेस, फोकस और अपने खेल पर पूरा ध्यान दे रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद वह टीम इंडिया के लिए सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेल रहे हैं. हालांकि धवन इससे निराश नहीं हैं. उन्होंने कहा कि इस बात का कोई मलाल नहीं हैं कि मैं सिर्फ एक ही फॉर्मेट में भारतीय टीम के लिए खेल पा रहा हूं. 36 साल के हो चुके धवन ने कहा कि उन्हें जब तक यह अहसास रहेगा कि वह टीम इंडिया के लिए उपयोगी हैं, वह तब क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे.

धवन ने वेस्टइंडीज में वनडे सीरीज में टीम की सफलतापूर्वक कप्तानी करने के बाद पीटीआई-भाषा को दिए विशेष इंटरव्यू में कहा, ‘मैं जब तक भारत के लिए खेलूंगा, टीम के लिए उपयोगी रहूंगा. मैं टीम पर बोझ बनाना पसंद नहीं करूंगा.’

धवन ने साल 2020 की शुरुआत से वेस्टइंडीज दौरे तक भारत के लिए 22 एकदिवसीय में 10 अर्धशतक की मदद से 975 रन बनाए और भारतीय खिलाड़ियों में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा है. धवन से जब इन आंकड़ों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मैं शांत और परिपक्व व्यक्ति हूं. यह प्रदर्शन मेरे अनुभव को दर्शाता है.’
उन्होंने कहा, ‘खेल को लेकर मेरी समझ काफी मजबूत है और मैंने अपनी तकनीक में सुधार के लिए काफी मेहनत की है. एक प्रारूप को समझना भी बहुत महत्वपूर्ण है. मैं वनडे फॉर्मेट की जरूरतों को समझता हूं और इससे मुझे बहुत मदद मिली है.’

पूरी दुनिया में जब टी20 प्रारूप की लोकप्रियता काफी बढ़ गई है और एकदिवसीय सीरीज के आयोजन में कमी आई है. ऐसे में सिर्फ एक प्रारूप में खेलने के बारे में पूछे जाने पर धवन ने कहा, ‘मुझे इस बात को लेकर कभी निराशा नहीं हुई. मैं इन चीजों के बारे में सोचना पसंद नहीं करता हूं कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिर्फ एक प्रारूप में खेल रहा हूं.’

उन्होंने कहा, ‘मैं इसे इस तरह से देखता हूं कि मुझे दो या तीन महीने में खेलने का मौका मिलता है और इससे मुझे तरोताजा रहने में मदद मिलती है.’ धवन के लिए यह महत्वपूर्ण है कि जो नहीं है उस पर निराशा जताने की जगह उसे महत्व दें, जो उनके पास है.

उन्होंने कहा, ‘मुझे जो मिलता है, मैं उसी में खुश रहता हूं. भारत के लिए अगर मैं एक फॉर्मेट में खेल रहा हूं तो मेरी कोशिश यह होती है कि मैं अपना सब कुछ उसी फॉर्मेट में दूं. मैं सकारात्मक सोच वाला इंसान हूं. आपको मेरे अंदर कोई नकारात्मकता नहीं मिलेगी.’

धवन ने कहा कि उम्र के साथ उनकी फिटनेस और बेहतर होती जा रही है. उन्होंने कहा, ‘मैं 36 साल का हूं और पहले से काफी अधिक फिट हूं. मेरा कौशल भी अच्छा हुआ है. मैंने जिम, योग, दौड़ के साथ शारीरिक कसरत कर खुद को बेहतर बनाया है.’ देश के लिए 155 एकदिवसीय में करीब 6500 रन बनाने वाले धवन अब जिम्बाब्वे दौरे पर भारतीय टीम की अगुवाई करेंगे.

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