एमपी लाउडस्पीकर विवाद में कूदे लक्ष्मण सिंह, बोले-प्रतिबंध अच्छा निर्णय, न तो राम बहरे हैं न ही अल्लाह

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समग्र समाचार सेवा

भोपाल, 25 अप्रैल। मध्य प्रदेश में भी लाउडस्पीकर पर सियासत गरमा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के बाद दिग्विजय सिंह के भाई और चाचौड़ा से कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने लाउडस्पीकर पर प्रतिबंध लगाने का समर्थन किया है। कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि लाउड स्पीकर पर प्रतिबंध लगाना अच्छा निर्णय होगा। दंगे भी नहीं होंगे, जनता को राहत मिलेगी। न तो राम बहरे है न ही अल्लाह। जो शक्तियां दुनिया को पालती हैं, उन्हें कुछ मूर्ख क्या सुनाएंगे और सिखाएंगे?

उमा भारती कर चुकी योगी सरकार की तारीफ

इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने भी उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ की के निर्णय का स्वागत किया था। उन्होंने कहा था कि बारातों के डीजे या किसी भी जुलूस के शोर का एक समय तक हो एवं आवाज की सीमित सीमा तय हो तभी हम स्वस्थ्य समाज की रचना में योगदान दे पाएंगे। उन्होंने मध्य प्रदेश में यूपी जैसे निर्णय लेने की बात कही थी।

उपासना पद्धति को मानने की स्वतंत्रताः योगी

बता दें कुछ दिन पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि धार्मिक विचारधारा के अनुसार सभी को अपनी उपासना पद्धति को मानने की स्वतंत्रता है। लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन यह सुनिश्चित हो कि आवाज परिसर से बाहर न आए।

यहां से विवाद की शुरुआत

लाउडस्पीकर विवाद की शुरुआत महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के बयान के बाद हुई थी। जिसमें ठाकरे ने महाराष्ट्र सरकार को चेताते हुए कहा था कि राज्य सरकार 3 मई तक मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटवा दे। ऐसा नहीं होने पर मनसे कार्यकर्ता मस्जिदों के बाहर स्पीकर लगाएंगे और हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे। इसके बाद देशभर में लाउडस्पीकर के शोर को लेकर बहस ने तेज हो गई।

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