बदरीनाथ में ब्रहम मुहूर्त में होने वाली पूजाओं के समय में परिवर्तन को लेकर बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने जाहिर की नाराजगी
समग्र समाचार सेवा
गोपेश्वर (चमोली), 31मई। हिंदूओं के आस्था के धाम बदरीनाथ में ब्रहम मुहूर्त में होने वाली पूजाओं के समय में परिवर्तन को लेकर तीर्थ पुरोहित के बाद अब बदरीनाथ विधायक महेंद्र भट्ट ने भी एतराज जताया है। उन्होंने मामले में गढवाल आयुक्त व देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्याधिकारी से वार्ता कर ब्रहम मुहूर्त में पूजा-अर्चना की परम्परा का बनाये रखने की बात कही है।
बता दें कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए जहां सरकार की ओर चार धाम यात्रा पर रोक लगाई गई है। वहीं देवस्थानम बोर्ड की ओर से मंदिरों के संचालन के लिये भी कोविड नियमावली तैयार की गई। जिसके तहत बदरीनाथ धाम में मंदिर के खुलने का समय सुबह सात बजे से सायं सात बजे निर्धारित किया गया। ऐसे में यहां ब्रहम मुहूर्त में होने वाली पूजाएं सात बजे बाद हो रही थी। जिसे लेकर तीर्थपुरोहितों की ओर से आपत्ति जताई गई। मामले में जानकारी जुटाए जाने पर मंदिर प्रबंधन के सूत्रों की ओर से समय पर महाभिषेक का दूध उपलब्ध न होने की बात कही जा रही है। जबकि वर्षों से पांडुकेश्वर के ग्रामीण (जो यात्राकाल में बामणी गांव में निवास करते हैं) की ओर से महाभिषेक का दूध ब्रहम मुहूर्त में उपलब्ध कराया जाता रहा है। ऐसे में स्थानीय लोग प्रबंधन समिति के इस तर्क से असहमति जता रहे हैं। हालांकि मंदिर प्रबंधन के सूत्रों के अनुसार देवस्थानम बोर्ड की ओर से परम्परा के अनुसार ब्रहम मुहूर्त की पूजा के समय को पूर्व की भांति करने को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
देवस्थानम बोर्ड के नियमों में मंदिर की पूजा पद्धति के संचालन का अधिकारी धाम में पंडित व हक-हकूकधारियों का है। उन्हें पूजा-अर्चन के समय और परम्पराओं के निर्वहन से नहीं रोका जा सकता। मामले में देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यधिकारी व गढवाल आयुक्त से वार्ता कर मामले के सकारात्मक निस्तारण के लिये कहा गया है-महेंद्र भट्ट, विधायक, बदरीनाथ विधानसभा।बदरीनाथ मंदिर में ब्रहम मुहूर्त में होने वाली पूजाओं को लेकर देवस्थानम बोर्ड के उच्चाधिकारियों से वार्ता की गई है। उच्चाधिकारियों की ओर से मामले का शीघ्र सकारात्क समाधान का आश्वासन दिया गया है- भुवन चंद्र उनियाल, धर्माधिकारी, बदरीनाथ धाम