समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 21मई। हम सब तो काला जामुन बड़ें चाव से खाते है लेकिन बहुत कम लोग जानते है कि स्वाद से भरपूर काला जामुन भी पोषक तत्वों का भरपूर स्रोत है।
लोगों का मानना है कि यह एंटीऑक्सीडेंट का राजा है। इसमें एंथोसाइनिन होता है, इस प्रकार उम्र बढ़ने के खिलाफ मदद करता है। काला जामुन कैंसर, डीएनए क्षति से बचाता है और हृदय रोग, रक्तचाप, मधुमेह से बचाता है।
यह लो कैलोरी हाई पोषण के कारण एक घने पोषक तत्वों वाला आहार है। ब्लूबेरी को आसानी से काले जामुन से बदला जा सकता है। काला जामुन, भारतीय ब्लैकबेरी के रूप में जाना जाता है। गर्मी के मौसम में यह असानी से उपलब्ध है। आयुर्वेद के अनुसार यह दिल, गठिया, अस्थमा, पेट दर्द, आंतों में ऐंठन, पेट फूलना, पेचिश से संबंधित कई स्थितियों के इलाज में फायदेमंद है। जामुन का मूत्रवर्धक प्रभाव गुर्दे से जहरीले पदार्थों को बाहर करता है, जबकि फाइबर सहायता पाचन की उच्च मात्रा और मतली, उल्टी को रोकती है।
कई शोधों में यह साबित हो चुका है कि जामुन में क्षारीय मात्रा अधिक होने के कारण यह उच्च शर्करा के स्तर या हाइपोग्लाइसीमिया को नियंत्रित करने में कारगर है। फलों के बीजों से अर्क के अलावा पत्तियां और छाल आपके शरीर में ब्लड शुगर लेवल के बढ़ाने को कम करता है।