सीएम अशोक गहलोत वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से राज्य विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की पहली बैठक को किया सम्बोधित
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली/जयपुर, 04 फरवरी।
मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल एवं रोजगार से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि ये योजनाएं समावेशी विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। गांव ढाणी में बैठे हर जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर इनका लाभ मिले, इसके लिए मिशन मोड में काम करते हुए योजनाओं को गति दी जाए।
श्री गहलोत ने 3 फरवरी शाम को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कॉन्फ्रेन्स के माध्यम राज्य विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की पहली बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। करीब 3 घंटे तक चली इस बैठक में मुख्यमंत्री ने मनरेगा, प्रधानमंत्री फसल बीमा, जल जीवन मिशन, समग्र शिक्षा अभियान तथा नेशनल हैल्थ मिशन से सम्बन्धित योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन को रोजगार से जोड़ने के लिए मनरेगा योजना वरदान साबित हुई है। कोविड के चुनौतीपूर्ण दौर में इसकी महत्ता और बढ़ी है। राजस्थान इस योजना के क्रियान्वयन में सदैव अग्रणी रहा है। आगे भी इसी भावना के साथ काम किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि 100 दिन का रोजगार पूरा करने वाले बारां की सहरिया एवं खेरवा तथा उदयपुर की कथौड़ी जनजाति के मनरेगा श्रमिकों को 50 दिन का अतिरिक्त रोजगार उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि बीते दो वर्षों में नियोजित परिवारों की संख्या 50.65 लाख से बढ़कर 69.96 लाख हो गई है। साथ ही, 99.69 प्रतिशत श्रमिकों को 15 दिवस में भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए श्री गहलोत ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य प्रीमियम की हिस्सा राशि देकर किसानों के फसल बीमा का भुगतान सुनिश्चित किया है। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना की बाधाओं को दूर करने एवं पारदर्शितापूर्वक संचालन के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। इसके लिए अन्य राज्यों में किए गए नवाचारों का अध्ययन किया जाए। बैठक में बताया गया कि खरीफ-2019 में सभी 17 लाख 55 हजार किसानों के करीब 3153 करोड़ रूपये का भुगतान कर दिया गया है। इसी प्रकार रबी 2019-20 में 920 करोड़ रूपये के क्लेम में से करीब 777 करोड़ रूपये का भुगतान किसानों को कर दिया गया है। रबी 2019-20 में आठ जिलों के काश्तकारों का फसल बीमा भुगतान लम्बित था, जिसमें से 7 जिलों के लिए राज्यांश प्रीमियम जारी कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के हर गांव-ढाणी में स्वच्छ पेयजल पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए जल जीवन मिशन योजना को गति दी जाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए केन्द्र और राज्य की 50:50 की भागीदारी पर संचालित हो रही इस योजना के फंडिंग पैटर्न में बदलाव की आवश्यकता है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि केन्द्र शासित प्रदेशों एवं उत्तर-पूर्वी एवं पहाड़ी राज्यों की तरह राजस्थान की दुर्गम एवं रेगिस्तानी