केंद्रीय बजट से दिव्यांगजनों के विजन 2047 को मिला अंतरराष्ट्रीय समर्थन
अमेरिकी संगठन ने केंद्रीय बजट 2026 में दिव्यांगजनों के लिए घोषित योजनाओं को आत्मनिर्भरता की दिशा में अहम कदम बताया।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 02 फरवरी: अमेरिका में दिव्यांग अधिकारों के लिए कार्यरत गैर-लाभकारी संस्था सक्षम लोगों की आवाज द वॉयस ऑफ स्पेशली एबल्ड पीपल (वीओएसएपी) ने भारत के केंद्रीय बजट 2026 का समर्थन किया है। संस्था का कहना है कि बजट में दिव्यांगजनों के लिए कौशल, रोजगार और सहायक सुविधाओं से जुड़ी घोषणाएँ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम हैं।
आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर
वीओएसएपी के अनुसार, बजट में शामिल कार्यक्रम दिव्यांगजनों को देश की आर्थिक मुख्यधारा से जोड़ने में सहायक होंगे। संस्था ने कहा कि इन पहलों से दिव्यांगजनों की क्षमताओं को पहचान मिलने के साथ-साथ उन्हें सम्मानपूर्ण जीवन जीने के अवसर भी प्राप्त होंगे।
विजन 2047 को मिली नई मजबूती
संस्था के संस्थापक प्रणव देसाई ने कहा कि बजट 2026 से दिव्यांगजनों के लिए संगठन की दीर्घकालिक योजना ‘विजन 2047’ को नई मजबूती मिली है। उन्होंने बताया कि इस विजन का उद्देश्य दिव्यांगजनों को भारत के दीर्घकालिक विकास में पूरी भागीदारी सुनिश्चित करना है, जहाँ अवसरों की समानता और सामाजिक सहभागिता पर विशेष ध्यान दिया गया है।
दो नई योजनाओं की घोषणा
वीओएसएपी ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में दिव्यांगजनों के लिए दो नई योजनाओं—दिव्यांगजन कौशल योजना और दिव्यांग सहारा योजना—की घोषणा की है। इन योजनाओं का उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और सहायक उपकरण व तकनीक उपलब्ध कराना है।
कौशल और सहायक तकनीक पर फोकस
संस्था के अनुसार, दिव्यांगजन कौशल योजना के तहत विशेष प्रशिक्षण और व्यावसायिक शिक्षा दी जाएगी, जिससे रोजगार पाने की संभावनाएँ बढ़ेंगी। वहीं, दिव्यांग सहारा योजना के माध्यम से सहायक उपकरण और तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि दिव्यांगजन अधिक स्वतंत्रता के साथ जीवन और कार्य कर सकें।
जमीनी क्रियान्वयन को बताया अहम
वीओएसएपी ने यह भी रेखांकित किया कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब उनका प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए। संस्था का कहना है कि ये पहल सुलभ भारत अभियान के उद्देश्यों से जुड़ी हैं और शिक्षा, रोजगार तथा सार्वजनिक सुविधाओं तक पहुँच में मौजूद बाधाओं को कम करने में सहायक होंगी।
दिव्यांगजनों की चुनौतियों पर भी ध्यान
संस्था के अनुसार, भारत में बड़ी संख्या में दिव्यांग लोग आज भी शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक ढाँचे तक पहुँच में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। ऐसे में बजट में की गई ये घोषणाएँ यदि जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू होती हैं, तो दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव ला सकती हैं।