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राहुल गांधी ने तेजस्वी सूर्या के आरोपों का जवाब देते हुए पूर्व आर्मी चीफ की आत्मकथा का हवाला दिया
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने स्रोत की प्रमाणिकता पर सवाल उठाया
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लोकसभा अध्यक्ष ने नियमों का हवाला देते हुए अप्रकाशित सामग्री पर चर्चा से रोका
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हंगामे के बीच अखिलेश यादव ने राहुल को बोलने देने की मांग की
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 02 फरवरी: लोकसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने भाषण में पूर्व थल सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा के कथित अंश का उल्लेख किया।
तेजस्वी सूर्या के भाषण के बाद राहुल गांधी का जवाब
बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या के भाषण के बाद राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े हुए। राहुल ने कहा कि तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस की देशभक्ति पर सवाल उठाए हैं। इसके जवाब में राहुल ने नरवणे की आत्मकथा का हवाला देते हुए चीन से जुड़े सैन्य हालात का ज़िक्र किया।
राजनाथ सिंह ने उठाया किताब की प्रमाणिकता का सवाल
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए पूछा कि जिस पुस्तक का उल्लेख किया जा रहा है, क्या वह प्रकाशित हुई है। उन्होंने कहा कि यदि पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है, तो उसका सदन में उल्लेख नहीं किया जा सकता।
अमित शाह का समर्थन, नियमों की याद दिलाई
गृह मंत्री अमित शाह ने भी रक्षा मंत्री की बात का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसी मैगज़ीन में छपी रिपोर्ट को आधार बनाकर अप्रकाशित पुस्तक का हवाला देना सदन की परंपराओं के ख़िलाफ़ है।
लोकसभा अध्यक्ष की सख़्त टिप्पणी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदन में अख़बार की कटिंग या अप्रमाणिक और अप्रकाशित स्रोतों का उल्लेख नियमों के तहत स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाहे पुस्तक प्रकाशित हुई हो या नहीं, इस तरह की सामग्री पर चर्चा नहीं की जा सकती।
राहुल गांधी का पलटवार
राहुल गांधी ने कहा कि यह नरवणे की आत्मकथा है और सरकार इसे प्रकाशित नहीं होने दे रही। उन्होंने दावा किया कि इसमें प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री से जुड़े तथ्य लिखे गए हैं और उनका बयान पूरी तरह तथ्यपरक है।
अखिलेश यादव विपक्ष के समर्थन में उतरे
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि राहुल गांधी को अपनी बात रखने दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि चीन से जुड़ा मुद्दा बेहद संवेदनशील है और यदि कोई सुझाव देशहित में है, तो उसे सुना जाना चाहिए।
सदन की कार्यवाही स्थगित
लगातार हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी। अंततः लोकसभा अध्यक्ष ने दोपहर 2 बजकर 9 मिनट पर सदन की कार्यवाही दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।