लालू प्रसाद यादव के घर में बगावत, चयन प्रणाली पर हमलावर हुए तेज का अब रोड शो /

अनामी शरण बबल

पटना। बिहार में एनडीए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को रोको आंदोलन के तहत् विपक्षी एकता के लिए गठित महागठबंधन बिहार में बिहारियों के लिए महा ठगबंधन बन गया है। विपक्षी एकता के सूत्रधार बने राजद के तेजस्वी अपने बड़े भाई तेजप्रताप को ही रोक नही पा रहे हैं। मतदान से ठीक पहले  राजद से अलग लालू राबड़ी मोर्चा बनाकर विपक्षी एकता की कलई खोल दी थी, मगर पहले चरण के मतदान के बाद तेज के बागी तेवरों का तेज और गर्म हो गया है।
बिहार के मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने अपनी उपेक्षा को देखकर आखिरकार बगावत को सार्वजनिक तौर परकी राह पकड़ ही ली और आरजेडी प्रत्याशी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। अपने बगावत को घरेलू दायरे से आज बाहर निकाल दिया। जहानाबाद में आज तेजप्रताप ने अपने घोषित उम्मीदवार चंद्रप्रकाश के लिए रोड शो करके सभी लोगों से उन्हें वोट देकर जिताने की अपील की। विपक्षी एकता के तमाम दावों की पोल खोलते हुए रोड शो के दौरान लारा मोर्चा के तेज ने कहा कि हम जो भी फैसला लेते हैं तो उसपर अडिग भी रहते हैं। अगर कोई मुझे बागी कहता है तो मुझे अपने युवा उम्मीदवारों के लिए बागी कहे जाने पर भी आपत्ति नही है। मैं सच्चाई ईमानदारी न्याय और अधिकारों की रक्षा के लिए बागी बनने के लिए भी तैयार हू।
पार्टी द्वारा अनुशासनात्मकर कार्रवाई किए जाने के पर तेजप्रताप ने कहा कि हमने कोई पार्टी का कानून नहीं तोड़ा है कि मेरे खिलाफ पार्टी कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। हम जो भी फैसला लेते हैं वो पार्टी हित में ही लेते हैं।  उन्होंनें कहा कि चंद्रप्रकाश हमारे उम्मीदवार हैं और हमारा उम्मीदवार ही हर हाल में जीतेगा। रोड शो में जाने से पहले तेजप्रताप ने आरजेडी के उम्मीदवार सुरेंद्र यादव पर हमलावर होते हुए कहा कि वो तीन बार वहां से लगातार चुनाव हार चुके हैं ऐसे में जहानाबाद से प्रत्याशी बदलना जरूरी था। पिटे हुए बेकार खाली कारतूस को घर में तो इज्जत दे सकते हैं, मगर पार्टी के लिए बोझ बन गए किसी नेता को चुनाव में आजमाना पार्टी के लिए ख़तरनाक है। Ss

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