पंजाब के किसानों की हालत के लिए कौन जिम्मेदार?

अनामी शरण बबल

पंजाब में पूर्ण कर्जमाफी को लेकर हजारों किसानों का आंदोलन जारी, अमृतसर-दिल्ली लाइन पर 8 ट्रेन रद्द
चंडीगढ़। देश के सबसे खुशनसीब और खुशहाल प्रदेश पंजाब  के किसान भी विदर्भ कालाहांडी बांदा और मेवात से दयनीय होते जा रहे हैं। कर्जों से  लदे किसानो के लिए पंजाब भी आत्महत्याओं का प्रदेश बनता जा रहा है। दो साल में 900 से भी अधिक किसानो केआत्मघाती कारनामे के बाद भी पंजाब में किसानों की आत्महत्या अभी तक ख़बर का रूप नहीं ले सकी है। एक माह में  औसत 40 किसानों द्वारा आत्महत्या करने की खबर संगठित किसी एक इलाके की नहीं होने के कारण इन मौतों की सूचना न कैप्टन अमरिंदर सिंह को है और ना ही अख़बारों या इडियट बॉक्स में ही इन खबरों को देने की चिंता है। 
पिछले एक सप्ताह और वो भी चुनावी मौसम में इन धर्मों से किसी को फर्क पड़ रहा है। इससे सरकार की नाक नहीं कटने वाली है, और ना ही किसानों की हितैषी एनडीए को विपक्षी पार्टी होने के कारण इस मुद्दे को लपकने की तेजी है।  किसानों का धरना बिना किसी सरकारी पहलल के बेकार बेवजह बैठी है।सबकी उपेक्षा देखकर किसानो ने अब रेल रोकना मार्ग बाधित करना चालू कर दिया है। इन किसानों के कारण अमृतसर-दिल्ली रेल मार्ग पर आठ रेलगाड़ियों को रद्द कर दिया गया है, जबकि 24 अन्य ट्रेन का रूट बदला गया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। किसान मजदूर संघर्ष समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में किसानों ने रेलगाड़ियों की आवाजाही रोक दी। समिति के प्रमुख सतनाम सिंह पन्नू के नेतृत्व में किसानों के आंदोलन का केंद्र अमृतसर से 22 किलोमीटर दूर देवीदासपुर बना हुआ है। जहां पर सैकड़ों किसानों के साथ हजारों समर्थकों ने साथ देना शुरू कर दिया है। जिससे आरंभ में कामचलाउ सा लग रहा धरनास्थल और धरना प्रदर्शन सरकार की किरकिरी करने लगा है। केवल एक दिन में किसानों की कर्ज़ माफी  का घूम  घूमकर सोहर गाने  वाले कांग्रेस अध्यक्ष  राहुल गांधी भी सब कुछ जानकर भी खामोश है।
आम किसानों की मुख्य मांगों में  स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने, कर्ज की पूरी माफी, किसानों की जमीन की नीलामी रोकने, उनकी गिरफ्तारी नहीं होने देने, गन्ने की फसल का भुगतान देने में देरी होने पर 15 फीसदी ब्याज दिए जाने की मांग को हल करना प्रमुख हैं।
दो ट्रेन नई दिल्ली-अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस और नयी दिल्ली-अमृतसर शान-ए- पंजाब एक्सप्रेस को क्रमश: जालंधर सिटी और ब्यास शहर तक ही कल चलाया गया। रद्द किये गये ट्रेनों में नई दिल्ली-जालंधर इंटरसिटी एक्सप्रेस, अमृतसर-हरिद्वार जन शताब्दी एक्सप्रेस, हरिद्वार-अमृतसर जन शताब्दी एक्सप्रेस और चंडीगढ़-अमृतसर सुपरफास्ट एक्सप्रेस शामिल हैं। जिन ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित किया गया है उनमें दिल्ली-पठानकोट सुपरफास्ट एक्सप्रेस, अमृतसर-नयी दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस और अमृतसर-सियालदह अकाल तख्त एक्सप्रेस शामिल है।।।।

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