युद्ध की चेतावनी के बीच इमरान का शांतिगान (राग)

नयी दिल्ली/ इस्लामाबाद। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने पाक की तरफ़ से हो रहे जहाजी हमले सीमा पर गोलीबारी के बीच एक बार फिर युद्ध विराम और शांति के लिए वार्ता करने के अपने अनुरोध को दोहराया है। सीमा पर तनाव कम करने और हालात को सामान्य करने के लिए फिर लगाई बातचीत की गुहार। युद्ध के हालात को रोकने के साथ ही प्रधानमंत्री इमरान खान ने फिर भारत को आगाह  करते हुए कहा है  कि  युद्ध एक बार शुरु हुआ तो पता नहीं वह किस हाल में कहां पर कितना विध्वंस के साथ खत्म होगा।पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बातचीत की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि अगर भारत आतंकवाद पर किसी भी तरह की बातचीत करना चाहे तो उसके लिए पाकिस्तान  तैयार हैं। हमें बैठकर बातचीत करनी चाहिए। अगर युद्ध होता है तो यह मेरे इमरान खान  और नरेंद्र मोदी के कंट्रोल में फिर नहीं रहेगा कि इसका अंत कैसा और कितना भयावह होगा।

पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कहा कि विश्व भर में इतिहास के सभी युद्धों को हमेशा गलत माना गया है, जिन्होंने युद्ध शुरू किया था उन्हें नहीं पता था कि यह कहां खत्म होगा। इसलिए, मैं भारत से यह पूछना चाहता हूं कि क्या हथियारों के साथ हम वाकई कुछ कर सकते हैं?’ प्रधानमंत्री इमरान खान ने हथियारों से अलग स्थायी शांति और सौहार्द्र के लिए कोई बेहतर रास्ते की तलाश करें। पाकिस्तान में पल और चल रहे तमाम आतंकी प्रशिक्षण केंद्रों और आतंकवादियो को पनाह दिए जाने के बाबत खामोश रहते हुए इमरान खान ने भारत को युद्ध हिंसा और विनाश की बजाय बातचीत से कोई हल निकालने की कोशिश पर जोर दिया। अलबता अपनी तरफ़ से वजीर-ए-आजम इमरान खान ने न तो आतंकवाद आतंकी संगठनों और ना ही आतंकवादियोपर नकेल कसने का जुबानी ही सही कोई भरोसा दिया। ऐसे हालात में भारत की पाक के साथ टेबल वार्ता पर बैठने की उम्मीद करना बेमानी लग रहा है। ।।

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