प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज़ महाराष्ट्र में

विकास की कई योजनाओं का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज महाराष्ट्र  के दौरे पर हैं। यवतमाल और धुले जिले में कई परियोजनाओं का वे शुभारंभ करेंगे। विदर्भ के यवतमाल में प्रधानमंत्री आदिवासी छात्रों के लिए एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय का उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत बनाए गए घरों की चाभियां भी प्रधानमंत्री मोदी कुछ लाभार्थियों को देंगे।। प्रधानमंत्री वीडियो लिंक के जरिए अजनी (नागपुर)-पुणे ट्रेन सेवा को भी हरी झंडी दिखाकर आरंभ करेंगे।। धुले में, वे प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (पीएमकेएसवाई) के तहत लोअर पंजारा मध्यम परियोजना का भी शुभारंभ करेंगे। इसकी कुल क्षमता 109 मिलियम क्यूबिक है, जिससे की 7586 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। साथ ही, पीएम यहां अमृत परियोजना के तहत पेयजल योजना का भी शिलान्यास करेंगे।
यवतमाल में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यहां  के साढ़े 14 हज़ार से अधिक गरीब परिवारों ने आज अपने नए घर में प्रवेश भी किया है। केंद्र सरकार ने 2022 तक हर बेघर को पक्का घर देने का लक्ष्य रखा है और सरकार तेज़ी से अपने लक्ष्य की तरफ बढ़ रही है।  और ये मेरा वचन है जो जरूर पूरा होगा। अब तक देश के गांव और शहरों में 1.5 करोड़ गरीबों के घर बनाए जा चुके हैं। मुझे याद है कि पिछली बार जब मैं यहां आया था, तो शेतकरी समाज से लंबा संवाद किया था। आज ये जानकारी देना चाहता हूं कि हाल के बजट में शेतकरी समाज के साथ-साथ, जो हमारे घुमंतु समाज के लोग हैं, हमारे श्रमिक हैं, इन सभी के लिए बड़ी योजनाओं का ऐलान किया गया है।
: उन्होंने कहा कि इस बजट में हमारी सरकार ने घुमंतू समुदाय के लिए बड़ा फैसला किया है। इतिहास में पहली बार इस समुदाय का ख्याल किसी सरकार ने किया है। इस समुदाय के लिए सरकार ने विकास कल्याण बोर्ड बनाने का फैसला किया है। वन-उपज पर जो समर्थन मूल्य सरकार देती है, उसमें बीते साढ़े 4 वर्ष में 3 बार बढ़ोतरी की गई है। सरकार द्वारा एमएसपी के दायरे में आने वाली फसलों को बढ़ाया गया है। जहां साढ़े 4 वर्ष पहले जंगल से मिलने वाली 10 उपजों पर एमएसपी मिलता था, अब वो संख्या बढ़कर करीब-करीब 50 हो चुकी है। हमारे जनजातीय इलाकों में सिकल सेल की एक बीमारी बहुत सामान् य है,  विदर्भ में इस बीमारी की बहुत अधिक समस्या है। इस बीमारी के इलाज के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा हो, रिसच की सुविधा हो, इसके लिए चंद्रपुर में रिसर्च से जुड़ा सेंटर स्थापित हो रहा है। 

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