नए केबल टीवी प्लान पर ट्राई का फिलहाल बेमियादी रोक

अनामी शरण बबल

नयी दिल्ली।  बिन सोचे समझे और बगैर तैयारी के जबरन कुछ  नया करने और  लाने का अंजाम बेनतीजा और मुश्किलों भरा ही होता है। जिस अनियोजित तरीके से हड़बड़ी में जीएसटी लाया गया वह अपने जीवन के 20 वें महीने में भी सरकार समेत देश के करोड़ों व्यापारियों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। अलबत्ता इसके दर्जनों संशोधन के बाद भी गब्बर सिंह टैक्स बिजनेसमैन को तंग परेशान ही कर रहा है। बार बार नियम कानून तोड़कर इसको और मुलायम नरम करने का सरकारी शीर्षासन हो रहा हो। पर गब्बर तो गब्बर सिंह टैक्स ही है। गब्बर से सरकार की बेहाली और पीएम नरेन्द्र मोदी की अलोकप्रियता के बावजूद जेलरनुमा वित्तमंत्री  अरूण जेटली है कि जीएसटी के पीछे सवार ही है। और ठीक चुनाव से पहले अधिकतर मिडल क्लास से लेकर गांव देहात और महानगरीय घरों कोठियों और फ्लैटों में भी मनोरंजन के एक बड़े और सरस सरल और आसान साधन  के रुप में टेलीविजन ही प्रमुख हैं। जिस तरह शिकंजा कसने और सस्ता सरल और जो देखो उसी का भुगतान करें के मोहक जुमले में पेंच ही पेंच है।  टेलीविजन पर विभिन्न चैनलों को देखने का शुल्क कुछ बताया जा रहा है तो वितरण कंपनियों द्वारा एचडी और जीएसटी की राशि को  जोडकर  शुल्क कुछ और बताया और मांगा जा रहा है। इसी घालमेल और वितरण कंपनियों की चौधराहट को  देखते हुए TRAI  ने एकाएक केबल टीवी प्लान को अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दिया है। इससे पहले, नए नियम लागू होने की तारीख  एक फरवरी थी।  जिससे  केबल टीवी रेट्स में 50-60 प्रतिशत का इजाफा होना था। सिर पर चुनाव और इस नियमावली से आम वोटरों की नाराजगी के भय से एनडीए की मोदी सरकार ने फटाफट केबल टीवी पर नये प्रयोगों को फटाफट बंद कर दिया। इससे करोड़ों उपभोक्ताओं ने राहत की सांस ली। तो केबल में सरकार की अटकी सांस भी सामान्य हो गयी। सरकार की यह रोक  भी फिलहाल बेमियादी है।  इससे पहले, नए नियम को एक फरवरी से लागू होना था।  इसमें करोड़ों उपभोक्ताओं ने अपना पंजीकरण भी करवा लिया था।  इसका मतलब केबल टीवी रेट्स में 50-60 प्रतिशत का इजाफा होना था। लेकिन अभी फिलहाल ऐसा नहीं होगा। 
TRAI ने सभी केबल ऑपरेटर्स, ब्रॉडकास्टर्स और उपभोक्ताओं को इस बात की जानकारी दे दी है कि नए केबल टीवी नियमों को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। यह रोक कब तक रहेगी इसका कोई निश्चित तारीख नहीं है। इसका मतलब साफ है कि  नए नियमों को लागू करने की योजना अनिश्चितकाल तक आगे बढ़ा दी गई है।इस बाबत जानकारीTRAI ने कहा है की नया ‘माइग्रेशन प्लान’ लाया जाएगा जिससे केबल टीवी ऑपरेटर्स, ब्रॉडकास्टर्स और उपभोक्तओं को बदलाव करने में आसानी होगी। TRAI ने कहा है की इस योजना के कार्यान्वयन के समय टीवी सेवाओं में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी। यह कार्यान्वयन अच्छे से हो सके इसके लिए डिटेल माइग्रेशन प्लान पर शोध  काम किया जा रहा है।केबल टीवी में इस बड़े बदलाव को आगे ले जाने के पीछे TRAI को नए केबल नियमों को लेकर जनमानस की दिक्कतों को समय रहते समझ  लेना मुख्य है। नए नियमों को लेकर असमंजस था। किसी को भी यह पुख्ता रूप से साफ नहीं था की आखिर नए नियम में क्या बदलाव  होने वाले हैं। इसकी वजह से जनता और उपभोक्ताओं में भी नए नियमों को लेकर काफी संशय था। इसी के मद्देनजर इस निर्णय को फिलहाल रोकना पड़ा।हालांकि, TRAI ने अपनी प्रेस रिलीज में लिखा है की 31 जनवरी के बाद टीवी पर सब्स्क्राइब किए गए चैनल्स के ब्लैक आउट को लेकर मैसेज फैल रहा है। प्राधिकरण ने सभी ब्रॉडकास्टर्स को यह सुझाव दिया था की वह सुनिश्चित करें की उपभोक्ता जो चैनल आज देख रहे हैं वो 31 जनवरी के बाद भी जारी रहे। हालांकि, इसके बाद भी सोशल मीडिया पर ब्लैक आउट को लेकर डर देखा जा सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि उपभोक्ताओं को इस परिस्तिथि की पूरी जानकारी नहीं थी। उपभोक्ताओं के मन में कई सवाल हैं जिसका उत्तर अभी भी नहीं मिल पाया है, जैसे की- बेस्ट प्लान का चुनाव कैसे करें, कौन-सा चैनल कौन-सा पैक उपलब्ध करवाएगा, हर एक चैनल की क्या कीमत है आदि। पे चैनल के MRP के बाद उस पर डिस्काउंट दिया गया जिससे और असमंजस की स्तिथि उत्पन्न हो गई।ऐसी उम्मीद है की सबसे पहले TRAI केबल टीवी ऑपरेटर्स को जागरूकता अभियान चलाने को बोलेगा जिससे उपभोक्तओं को नए केबल टीवी प्लान्स/DTH प्लान्स को लेकर कोई असमंजस ना रहे। इससे लोगों को नए DTH और केबल टीवी प्लान्स की जानकारी रहेगी और वो सही निर्णय ले पाएंगे। STRAI ने कहा है की इस मामले में अधिक जानकारी के लिए उपभोक्तओं को सीधे कांटेक्ट कर के जानकारी लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा

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